इंदिरा सोमवार को अल्मोड़ा में होने वाली पीसीसी बैठक में शिरकत करने के लिए रविवार को गंगोलीहाट पहुंची थी. इंदिरा ने कहा कि राज्य में खनन आजीविका का मुख्य साधन है और इस पर रोक लगने से सैकड़ों लोगों का रोजगार एक झटके में ख़त्म हो गया है.
उन्होंने कहा कि नदियों में अवैध खनन न हो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन खनन बंद होने से बरसात में कई इलाकों में बाढ़ आने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है.इतना ही नहीं इंदिरा ने ये भी कहा कि खनन के कारोबार में लगे स्थानीय युवाओं ने अपने वाहन सरेंडर कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को आपात बैठक बुलाकर सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर अपना पक्ष जल्द रखना चाहिए.
बता दें कि नैनीताल हाईकोर्ट ने बीते दिनों खनन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए चार महीने के लिए रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने राज्य में खनन जारी रहने या पूरी तरह प्रतिबंधित करने को लेकर एक हाई पावर्ड कमेटी का गठन किया है, जो चार महीने में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश करेगी.
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